स्क्रीन टाइम साल में 122 दिन के बराबर — नींद, ध्यान और सेहत पर असर, और "डिजिटल सनसेट" जैसे उपाय
सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले फ़ोन, और रात को सोने से पहले आख़िरी चीज़ भी फ़ोन — यह दिनचर्या अब अपवाद नहीं, नियम बन चुकी है।
ताज़ा वैश्विक आँकड़े बताते हैं कि जेन-ज़ी यानी नई पीढ़ी का औसत स्क्रीन टाइम रोज़ाना लगभग सात घंटे तैंतालीस मिनट तक पहुँच गया है, जो पिछले साल की तुलना में क़रीब पाँच प्रतिशत ज़्यादा है।